गुरूवार, अक्टूबर 17, 2019

हिन्दू देवी-देवता और संस्कृत जापानी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं – बिनोय के बहल – भारत का भित्तिचित्रण

https://www.youtube.com/watch?v=Gt8HoqkFNp0?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 हमने जापान में संयोग से इन दोनों वेणुगोपाल ...

भारत की तरफ का प्राचीन व्यापार मार्ग, भारत को व्यापार अधिशेष का लाभ और इसका असर रोमानी अर्थनीति पर

ओडिया – पूर्वी हिंदमहासागर में भारतीय नौसेना के अग्रगामी

कंबोडिया और वियतनाम के खमेर और चरमे संस्कृतियों का भारत से सम्बन्ध

भारत का इतिहास महाद्वीपी ही नहीं, बल्कि वोह सामुद्रिक भी हैं

सरस्वती और गुजरात के बंदरगाहें

ओडिया और श्री लंका

हरप्पा का विनाश और दक्षिण भारत का विकास

हरप्पन/मेलुहान व्यापार लिंक ईरान (जेरोफ्ट), ओमान, बहारिन, मेसोपोटेमिया और समर के साथ

हिन्दू धरम में ऋतूस्राव के देवता कौन हैं ?

अब ऐसी पद्धाथियाँ एक सकारात्मक बोध कराती हैं और उसपर यह कि हिन्दू मानतें हैं कि उनकी देवी भी रजस्वला होती हैं और उत्सव मनाएं जातें...

स्वराज्य से साम्राज्य तक : मराठा साम्राज्य के द्वारा ‘हिन्दवी स्वराज्य’ का एकीकरण

वर्ष : १७२० - औरंगजेब से हुये २७ वर्ष लम्बे बहुत ही कठिन युद्ध को जीते कुछ समय बीत चुका है पर शिवाजी महाराज का देश को आतंक से मुक्त कराने का लक्ष्य अभी भी मराठाओं की पहुँच से दूर है । अभी बह

औरंगजेब का अन्तिम अभियान

https://www.youtube.com/watch?v=otbQzK3VSnQ?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 तो इस समय औरंगजेब ने निर्णय लिया कि मैं अन्तिम अभियान पर जाऊँगा, सभी दुर्गों को जीतूँगा और पश्चिम महाराष्ट्र

क्यों औरंगजेब मराठाओं से अधिक क्षेत्र हथियाने में असफल रहा

  https://www.youtube.com/watch?v=6y3BVdLoONI?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 तो १६९० के दशक में युद्ध का ये प्रभाव था कि मराठा वास्तव में शक्तिशाली सेना बनाने में समर्थ हुये । उन

मराठा सेनानायक सन्ताजी घोरपड़े का औरंगजेब की छावनी पर आक्रमण

https://www.youtube.com/watch?v=jn7-0z71aXg?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 इसके अलावा एक बहुत ही साहसी छापा संताजी घोरपड़े ने औरंगजेब के निजी तम्बू पर मारा । इस समय औरंगजेब का तम्बू कोर

शिवाजी के दक्षिण भारत के अभियान पर जाने का कारण

https://www.youtube.com/watch?v=nnY-pRlpL5U?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 और ये करने के पश्चात्, राज्याभिषिक्त होने के पश्चात्, छत्रपति शिवाजी दक्षिण भारत के अभियान पर गये और एक ऐसे स

छत्रपति शिवाजी के द्वारा मुगल आक्रोश को पराजित करने हेतु किये गये उपाय

  https://youtu.be/X-NTUf7d0oM?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 अब हम दुर्गों पर आते हैं, जैसा मैंने उल्लेख किया कि कैसे देवगिरि का दुर्ग लड़ा गया या कहें हारा गया । और शिवाजी ने क्

हिन्दवी स्वराज्य का आदर्श : किन घटकों से इसका निर्माण हुआ

https://www.youtube.com/watch?v=INVBllP_pG0?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 छत्रपति शिवाजी ने बहुत से प्रशासनिक और सैन्य सुधार किये, जिन्होंने मराठाओं को बाद के समय में दृढ़ रहने में बहु

शिवकवि कविराज भूषण

Lyrics: - कविराज भूषण इन्द्र जिमि जंभपर , वाडव सुअंभपर | रावन सदंभपर , रघुकुल राज है || 1 || पौन बरिबाहपर , संभु रतिनाहपर | ज्यो सहसबाहपर , राम द्विजराज है || 2 || दावा द्रुमदंडपर , चीता मृ...

मराठा – मुगल युद्ध : अनीश गोखले द्वारा एक व्याख्यान

  https://www.youtube.com/watch?v=C7pD4D1bZco&t=105s नमस्कार ! सुसायम् ! सबसे पहले मैं धन्यवाद करना चाहूँगा सृजन फाउंडेशन का और इंटैक का भी, साथ ही यहाँ उपस्थित सभी लोगों का जिन्हो

अपनी भाषा चुनें

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 261 other subscribers

Follow Us on Facebook

Follow Us on Twitter

पुरालेख

लगभग सभी अफ्रीकी देशों की सीमाएं यूरोपीय लोगों द्वारा अफ्रीकी लोगों की सहमति या भागीदारी के बिना तय की गई थीं

https://youtu.be/uSGdJHL8qSw?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 हम अफ्रीका और मध्य पूर्व को थोड़ा देखें। यदि आप 1500 ईसवीं में अफ्रीका को देखते हैं, तो कुछ साम्राज्य थे, लेकिन व

भारत में बलपूर्वक धर्मान्तरण हेतु ईसाई चर्च द्वारा नरसंहार

भारत में इसाई मिशनरियों के विषय में डॉ. सुरेंद्र जैन का व्याख्यान

‘वेस्टफेलिया की शांति-संधि’ क्या है?, इस घटना और इससे पैदा गतिरोध के कारण

यूरोप के आदिवासी समुदायों के विलुप्त होने में क्रिश्चन मिशनरियों का हाथ

पश्चिमी देशों के पास भारत के राष्ट्रवादी चरित्र पर सवाल उठाने का कोई अधिकार या आधार क्यों नहीं है

https://youtu.be/jUy3hj6nb3k?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 यदि आप 2000 ईसवी के मानचित्र को देखें, तो आयरलैंड अलग हो गया है। कोई भी देश 1800 ईसवी, 1500 ईसवी, 1000 ईसवी, में

यूरोप में 1500 ई. तक राष्ट्र राज्यों की अनुपस्थिति

ब्रिटिश आक्रमणकारियों ने भारत को कैसे लूट लिया – विल ड्यूरेंट का ‘द केस फॉर इंडिया’

अर्थनैतिक दक्षिणपंथियों के क्रियाकर्म किस प्रकार से राष्ट्रविरोधी हैं?

राष्ट्र की भूमिकाएं क्या हैं और राष्ट्र को अपने नागरिकों को पूर्ण स्वतंत्रता क्यों नहीं देनी चाहिए

अयोध्या राम जन्मभूमि: कण कण में रची बसी स्मृति का विनाश और इसका पुनर्स्थापना आवश्यक क्यों – मनोवैज्ञानिक विश्लेषण

रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद को ज्वलंत बनाये रखने के लिये वामपंथी इतिहासकारों द्वारा फैलाये गये झूठ

अयोध्या परिसर में प्रथम सशस्त्र संघर्ष

अयोध्या में निहांग सिख

पुरातात्त्विक साक्ष्य हमें राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद के बारे में क्या जानकारी प्रदान करते हैं?

Mr. K. K. MUHAMMED, Ex Regional Director, ASI speaks on Ayodhya Ram Mandir

गुमराह करने वाले इतिहासकार

मुस्लिम आक्रमणकारियों का मूर्तिभञ्जन

अयोध्या खुदाई के पुरातात्विक निष्कर्ष और धर्मनिरपेक्षवादी इतिहासकारों ने उनसे त्याग दिया

क्यूँ हमें अवश्य उस विचार को समझना चाहिये जिसने इस्लामिक आक्रान्ताओं का मार्गदर्शन किया

क्यूँ सर्वोच्च न्यायालय को अयोध्या मामले में अवश्य एक निश्चित निर्णय देना चाहिये

पुरातात्विक सबूत हमें राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद के बारे में क्या बताते हैं?

प्रारंभिक कलारूपों में रामायण का चित्रण

अलाहाबाद उच्चन्यायलय की अयोध्या राममन्दिर विषय पर गतिविधियाँ

रामजन्मभूमि – बाबरी मस्जिद विवाद को ज्वलंत रखने के लिये वामपंथी इतिहासकारों द्वारा फैलाए गये असत्य

ब्रिटिश राजस्व सूचना अयोध्या राम मन्दिर के समर्थन में