और बेशक, यदि आप केरल से नहीं है, तो आपने शायद मार्तंड वर्मा के बारे में नहीं सुना होगा।

मार्तंड वर्मा एक बहुत ही दिलचस्प चरित्र है। वे एक बहुत छोटे राज्य कहे जानेवाले त्रावणकोर के शासक थे. जब वह सत्ता में आए थे, अनिवार्य रूप से वह एक छोटी सी रियासत थी जो आज के दिल्ली से भी छोटी थी, और उन्होंने उस समय के दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य पर अधिकार जमाने का फैसला लिया था, जिसे ताज्जुब है कि लोग अब भूल गए हैं, और वह साम्राज्य था डच साम्राज्य।

18 वीं सदी के पूर्वार्ध में डच सबसे शक्तिशाली समुद्री शक्ति थे। उन्होंने पहले ही इंडोनेशिया पर कब्ज़ा कर लिया था, उन्होंने श्रीलंका पर कब्ज़ा कर लिया था. और अब वे भारत पर कब्ज़ा कर लेना चाहते थे, जब वे एक बहुत छोटे से राज्य के शासक का सामना कर रहे थे जिनका नाम था मार्तंड वर्मा. मार्तंड वर्मा ने उन्हें कोलाचेल की लड़ाई में हराया जो कन्याकुमारी के उत्तर-पश्चिम में है, और अगर वे डचों को नहीं हराते, तो मैं  आपको यह बात डच में बता रहा होता।

यह भारतीय इतिहास के उन बहुत महत्वपूर्ण चरित्रों में से कुछ हैं, जो हमारे इतिहास से बाहर कर दिए गए हैं।