रविवार, जुलाई 5, 2020
Home > इतिहास > भारतीय इतिहास क्या वास्तव में सत्य है ?

भारतीय इतिहास क्या वास्तव में सत्य है ?

इस विषय का जन्म तब हुआ जब मैं अक्सर लोगों से, विशेषत: पढ़े लिखे लोगों से यह सुनता हूँ  कि, भारतीय किसी भी तरह से इतिहासिक लोग नहीं हैं।

ऐसा क्यों है की, हम दुनिया के अद्वितीय लोगों में से हैं,  क्यों कि, – हम  हमारे अतीत के बारे में बिलकुल सोचते नहीं हैं. क्या यह यक़ीनन दुनिया की सबसे पुरानी निरंतर चली आ रही सभ्यता है, यह वास्तव में एक आश्चर्यजनक आरोप है।

यहाँ लोग सामान्य बातचीत में भी अपने विचारों को, दुसरों के नाम को और लौह युग से महाकाव्यों में चले आ रहे मुहावरों को उपयोग करते रहते हैं. हर दिन लाखों हिंदु, गायत्री मंत्रोपचार करते हैं, जिसे कांस्य युग में वैदिक संस्कृत के बहुत ही प्राचीन रूप में रचा गया है, आप जो कुछ भी जो 3500 से 5000 वर्षों से चला आ रहा है, किसी से भी पूछ लें. अत: यह स्पष्ट है कि, हम लोग – अपने अतीत के साथ रहते हैं, अपनी निरंतर सभ्यता के साथ रहते हैं और, यह निरंतरता, जिसकी हम चर्चा करने वाले हैं, हमारे खून में ही आई है।

इसलिए निश्चित रूप से हम आरोपी है, कि, हम अपने इतिहास में कोई रुचि नहीं लेते. यदि हम रुचि नहीं लेते हैं तो मैं इस कमरे में रहने के बिलकुल भी काबिल नहीं हूँ. तो असली समस्या क्या है?  मैं तो यह कहना चाहूँगा कि, सहज ज्ञान से हमें जो मालूम है और जो हमें हमारे पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाया गया है, वह झूठ है।

और चूँकि, हमें हमारे सहज ज्ञान से यह मालूम है कि यह झूठ है, हम इसका बहुत सम्मान नहीं कर सकते हैं. तो, वास्तव में मुद्दा यह है कि, यह कितना गलत है या कितना सच बताया जा रहा है, और दूसरा मुद्दा यह कि यदि वास्तव में ऐसा है, तो,  हम कैसे इस कहानी को सही तरीके से बताना शुरू कर सकते हैं ?

कई कारणों में,  जो हमारे सामने आज जो परोसा गया है वह क्षत विक्षत इतिहास है. और मैं उनमे से कुछ ही कारणों को प्रस्तुत करूँगा, क्यों कि सारे कारणों को बताने में बहुत समय लगेगा।

लेकिन, यह बहुत-बहुत महत्वपूर्ण कारणों में से एक है कि, क्यों हमारे मौलिक इतिहास को इस तरह तोड़ मरोड़ कर हमारे सामने प्रस्तुत किया गया है। यह इसलिए, क्योंकि यह हमारा इतिहास बिल्कुल भी नहीं है. यह विदेशी आक्रमणकारियों का इतिहास है। यह उन विदेशी आक्रमणकारियों का इतिहास है जो उनके द्वारा उनके ही आक्रमण के बारे में लिखा गया है।

और इसलिए यदि आपने भारतीय इतिहास पढ़ा हैं,  इसमें लडाइयों की एक लम्बी फेरहिस्त होगी जिनमें भारत को शिकस्त मिली हुई है. तो आपने कॉलेज में या स्कूल में जो भी इतिहास पढ़ा है, वापस उसके बारे में सोचें. ये पानीपत की तीन लड़ाइयों के बारे में है, यह प्लासी की लड़ाई के बारे में है, और यह बक्सर की लड़ाई के बारे में भी है।

लेकिन आपने उन लडाइयों के बारे में कभी नहीं पढ़ा जिसमे भारत को विजय प्राप्त हुई है. और वास्तव में, यदि हम अपने इतिहास की किताबों को खोदें तो हम पायेंगे कि हमने बहुत सारी लड़ाईयाँ जीती हैं. इसका एक सरल कारण यही है कि हम अभी भी इस भूमी पर हैं. और हमने अपना बहुत खून गवांकर यह निरंतरता पाई है, और कई बार जीतकर हम यहाँ बने हुए हैं, इसलिये नहीं कि विदेशियों ने हम पर हमले नहीं किये थे, उन्होंने हमें जबरन बदलने की कोशिश नहीं की थी या हम पर हावी होने की कोशिश नहीं की थी।

Leave a Reply

%d bloggers like this:

Sarayu trust is now on Telegram.
#SangamTalks Updates, Videos and more.