बुधवार, जुलाई 15, 2020
Home > इंजीलवाद और हिन्दुओं की रक्षा > पुर्तुगाली उपनिवेशवादियों द्वारा हिन्दुओं को इसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए अपनाई गयी नीतियाँ

पुर्तुगाली उपनिवेशवादियों द्वारा हिन्दुओं को इसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए अपनाई गयी नीतियाँ

 

पुर्तुगाली उपनिवेशवादियों की दो प्रकार की नीतियां थी I एक नीति थी, कि हिन्दुओं का जीवन इतना संकटमय बना दो कि हिन्दू बने रहना बहुत बड़ा बोझ बन जाये, और यदि इसाई धर्म को अपनाया तब उनको हर प्रकार का प्रलोभन मिलता था जैसे, आर्थिक प्रलोभन, सामजिक प्रलोभन, इत्यादि I हिन्दू विरोधी कानूनों ने जीवन दोबर बना दिया था I १५६० में वाइसराय ने सारे हिन्दुओं को पुर्तुगाली राज्य क्षेत्र से निकल बहार करने का आदेश दिया, क्योकि उन हिन्दुओं ने अपना धर्म परिवर्तन करने से मना कर दिया था I उन्हें एक महीने का समय दिया गया अपनी संपत्ति बेचने के लिए; एक महीने बाद वोह संपत्ति पुर्तुगाली राजपद की संपत्ति कहलाएगी I तो आप कल्पना कर सकतें हैं, लोगों ने अपनी संपत्ति मजबूरन जिस किसी को भी बेच दी I और खरीददार कौन हुआ करते थे? स्पष्तः वे लोग जिन्होंने इसाई धर्म को अपनाया था I हिन्दुओं को जानेउ धारण करने की मनाई थी I सरकारी नौकरी और ठेके का काम केवल उन्हें दिया जाता जिन्होंने इसाई धर्म को अपनाया था I सार्वजनिक जीवन में हिन्दुओं का आना निषेद था I ग्राम सभा, उन दिनों हर ग्राम में सभाएं हुआ करती थी जिनमे गाओंकर हुआ करते थे, जो उसी ग्राम के निवासी हुआ करते थे, जो उस ग्राम से सम्बंधित सारे निर्णय लिया करते थे I

प्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों ने इसाई धर्म को इसी कारन अपनाया था, इसीलिए पुर्तुगालिओं ने एक आदेशपत्र निकाला कि जब तक ग्राम सभा में इसाई गाओंकर नहीं होंगे तब तक सभा संघटित नहीं कि जा सकती I परिणामस्वरूप यदि किसी गाँव में हिन्दू बहुमत में हैं और इसाई अल्पसंख्या में, तब इसाईओं को ग्राम सभा में रहना अनिवार्य था वरना उन्हें ग्राम सभा बुलाने का अधिकार नहीं था I लेकिन जिन गाओं में इसाई गाओंकर अधिक संख्या में थे, हिन्दू अपने प्रतिनिधि को निर्वाचित भी नहीं कर सकतें थे I परिणामस्वरूप ग्राम सभाओं में केवल इसाई गाओंकर हुआ करते थे, यदि हिन्दू होते भी, तो उन्हें कहा जाता कि उन्हें सभा की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार नहीं था I इन सभाओं में आर्थिक विषयों, भूमि से जुड़े विषयों पर चर्चा हुआ करती थी, तो यदि गाओंकरओं को कहा जाता कि आप ग्राम के प्रशासन में भाग नहीं ले सकतें, तो कभी न कभी उन लोगों ने कहा होगा, ठीक हैं में भी इसाई बन जाता हूँ I तो यह एक प्रकार की नीति हुआ करती थी I

Leave a Reply

%d bloggers like this:

Sarayu trust is now on Telegram.
#SangamTalks Updates, Videos and more.