भाषण के अंश मुख्य चुनौतियाँ

भारतीय संविधान में असम्प्रदायिकता शब्द का प्रभावशाली समावेश

बहुत लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि, जो चरित्र स्वतंत्रता के बाद भारतीय राजनितिक तंत्र का बना, जिस तरह से वह theoretically और practically anti-Hindu होता गया अपने मिज़ाज़ में, अपने orientation में I अगर यह बात, कुछ विद्वान कहते हैं कि, सारे princely states को यह बात बतायी गयी होती, तो वह कभी शामिल नहीं होते I

हम लोग भूल जाते हैं कि ब्रिटिश भारत। .. पूरे भारत के नक़्शेका आधे से भी कम था I ५६७ princely states थे, जो ब्रिटिश नियंत्रण से बाहर थे I वह उनकी suzeranity में रहते थे ज़रूर,लेकिन उनका अपना शासन तंत्र तहत और वह लोग स्वेच्छा से भारतीय यूनियन में आकर के मिले I उन लोगों को यह कतई     सपने में भी यह उम्मीद नहीं थी कि यहाँ एक ऐसा राजनितिक तंत्र बनाने जा रहा हैं जहाँ पर धर्म रक्षा नहीं होगी I या धर्म रक्षा व्यक्ति का और समाज का अपना कार्य होगा और स्टेट यह कहेगा की, हम आपके लिए फिक्रमंद नहीं है I    मतलब हिन्दू धर्म, या हिन्दू समाज की चिंता स्टेट की चिंता नहीं हैं, क्योकि यह secular state हैं I लेकिन वही secular state Christians के लिए और Muslims के लिए बिलकुल protection के लिए सक्रिय होकर खड़ा होता है I यह एक तरह से एक तरह से धोका धड़ी भी हुई, इस संविधान के द्वारा I

फिर व्यवहार में बयालिसवे शंशोधन के बाद तो उसमे बाकायदा secular और socialist शब्द लिख दिया गया, जोकि अपने आप में illegal था, क्योकि emergency लगी हुई थी, विपक्ष jail में था, और उसमे ज़बरदस्ती वह धारा जोड़ करके secular बना दिया गया I जोकि शब्द संविधान सभा में discussion हुआ था I और उसके बाद लोगों ने उसको कहा था कि भारत में secular शब्द जोड़नेकी ज़रुरत नहीं हैं. क्योकि हिन्दू समाज तो स्वाभाव से secular  हैं I हमारी पूरी परंपरा स्वाभाव से secular हैं I यहाँ पाए secularism जोड़ने की क्या आवश्यकता है ?

नहीं आवश्यकता है I लेकिन उसको १९६५ में जोड़ा गया ी फिर उसके बाद व्यवहार में जिस प्रकार से सारी पार्टियों में minoristim आ गया , vote bank की राजनीती होने लगी इसने १९४७ से अभी तक धीरे-धीरे इसे और भी हिन्दू विरोधी बनाया I

Featured Image Credit – http://www.livelaw.in/allahabad-hc-upholds-addition-of-words-socialist-and-secular-to-preamble-to-the-constitution-of-india/

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