रविवार, अक्टूबर 17, 2021
Home > अर्बन नक्सल > अर्बन नक्सल एवम अवार्ड वापसी गैंग की सत्यता

अर्बन नक्सल एवम अवार्ड वापसी गैंग की सत्यता

अवार्ड वापसी आंदोलन का आरम्भ स्वर्गीय प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की भतीजी नयनतारा सहगल द्वारा किया गया था l यह कितने आश्चर्य की बात है कि कश्मीरी होने के बाद भी कश्मीरियों के नरसंहार से वो कभी भी आहत नहीं हुईं l कश्मीरियों को उनके घरों से निकाल दिया गया फ़िर भगा दिया गया, किन्तु वे इससे प्रभावित नहीं हुईं l 1986में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त किया, इससे दो वर्ष पूर्व ही सिखों का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 1984 में नरसंहार हुआ था, परन्तु इससे भी उन्हें कोई अंतर नहीं पड़ा l

थोड़ा और पीछे जाकर देखें तो आपातकाल के समय भी लगभग 43 लाख लोगों की नसबंदी हुई थी l इस घटना ने भी इन कलाकारों, लेखकों एवम चलचित्र निर्माताओं के विवेक को नहीं झकझोरा था, (जिनके अनुसार देश में असहिष्णुता बढ़ रही थी और यह स्वतंत्र भारत की सर्वाधिक असहिष्णु सरकार है )l तो लगभग पचास व्यक्तियों ने अपने साहित्य अकादमी पुरस्कार ये कहते हुए वापस किये कि ये सरकार दमनकारी और निरंकुश है और उनका विवेक उन्हें इस तरह के पुरस्कार के लिए अनुमति नहीं देता l परन्तु आश्चर्यजनक रूप से उनमें से किसी ने भी पुरस्कार राशि एवम अन्य सुख सुविधाओं का त्याग नहीं किया, और ना ही किसी ने त्यागपत्र दिया l

Leave a Reply

Sarayu trust is now on Telegram.
#SangamTalks Updates, Videos and more.

Powered by
%d bloggers like this: