गुरूवार, जुलाई 2, 2020
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भारत समृद्ध क्यो नही है? अतनु डे। भारतीय अर्थिक नीतियाँ

यदि हम भारतीय मूर्ख हैं,तो वास्तव में भारतियो के पास ऐसा क्या है? मैं ऐसा नहीं सोचती,क्यौंकि भारतीय जहाँ भी जाते हैं वहाँ वे बहुत अच्छा करते हैं। परन्तु यह भी पूर्णतया सत्य नही है । इसलिए मैं आपसे कहती हूं कि शायद यह सरकार है और उनके बनाए गये नियम जो हम पर पूरे राष्ट्र पर लागू होती है। कर सकते हैं वह जिन नियमों का अनुसरण करते हैं उनमें बहुत भिन्नता है। इसलिए लोग अलग-अलग संस्थागत सेटिंग्स के अंतर्गत अलग-अलग व्यवहार करते हैं। और संस्थागत अर्थशास्त्र हमारे काम के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। और हम मूल रूप से जान पाते हैं कि लोग अलग-अलग नियमों के अंतर्गत अलग-अलग व्यवहार रखते हैं जिनके की परिणाम भी अलग होते हैं। इसलिए ही अर्थव्यवस्था का सरकारी नियंत्रण हमारे संविधान में दिया गया है संविधान के अनुसार सरकार को आर्थिक व्यवस्था में हस्तक्षेप करने की अनुमति है, और जो सरकार ऐसा करती है तो अर्थव्यवस्था का राजनीतिकरण होता है जिनमें की निर्णय राजनीतिक कारणों से किए जाते हैं। फलस्वरूप राजनीतीकरण के कारण अर्थव्यवस्था में राजनीतीय भ्रष्टाचार होता है। और नीतियों में भ्रष्टाचार के कारण नीतियां खराब होने लगती है। इसलिए होता है क्योंकि नीति बनाने वाले वहां अच्छी नितिया बनाने के लिए नहीं होते हैं, उन्हें तो यह तक नहीं पता होता कि अच्छी नीतियां होती क्या है,वे वहाँ बस अपनी जेब के चक्कर में होते हैं, जिसके कारण बाकी जनता अप्रवास के लिए बाध्य हो जाती है।

इसलिए, भारत क्यों गरीब है का सबसे सरल उत्तर दोनों की संक्षेप में है । भारत के बारे में भारतीयों को बताया जाता है कि भारत स्वतंत्र हो चुका है।सबसे पहले, लोकतंत्र का। सी कड़ी जुड़ी है। जैसा की सभी को पता है कि भारत 1947 में स्वतंत्र हो गया। लेकिन यह कभी भी स्वतंत्र नहीं हुआ क्योंकि ब्रिटिश राज के दौरान समान नियम मौजूद थे। इसके बाद यदि भारतीय 1947 में स्वतंत्र हो गए, तो आपको पूछना होगा कि बाद क्यों? ‘ आपको नहीं लगता है कि भारतीय 1947 से पहले ही स्वतंत्र हो चुके थे।

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