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नेताजी की मृत्यु का आधिकारिक दृश्य सत्य या मिथक | अनुज धर

https://www.youtube.com/watch?v=UrMtoFCQB2s?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 नेताजी की मृत्यु १45 अगस्त १ ९ ४५ को हुई, आधिकारिक विचार जो जापानी द्वारा घोषित किए जाने के लगभग तीन दिन बाद वे अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण करने जा रहे थे। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण समय है। अगर उसकी मृत्यु 18 अगस्त को नहीं हुई थी, तो अगले कुछ

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स्वतंत्रता के बाद के युग में भारतीय इतिहास का राजनीतिकरण | संदीप बालकृष्ण | टीपू सुल्तान

https://www.youtube.com/watch?v=oe9cnzig9Lw&t=1s?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 मैं इतिहास के एक अमेरिकी विद्वान द्वारा एक छोटी, बहुत ही हास्यपूर्ण उद्धरण के साथ शुरुआत करूंगा। वह राजनीति के बारे में यह कहते हैं और मैं उद्धृत करता हूं "राजनीति का पहला सबक इतिहास के पहले सबक को भूलना है"। तो मैं वही दोहराऊंगा, "राजनीति का पहला सबक इतिहास

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अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी: एक पवित्र ईसाई उद्यम | श्री अरविंद कुमार

https://www.youtube.com/watch?v=A2T1bTKyaQ8?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 हम ईसाई धर्म के इतिहास पर नज़र डालेंगे और कैसे पूर्वी भारत की कंपनी ईसाई धर्म से जुड़ी हुई थी। हम यह कभी नहीं सीखते क्योंकि यह हमारी पाठ्यपुस्तकों से हटा दिया गया है। हम जो सुनते हैं वह यह है कि यह सिर्फ पूंजीपति हैं जो अपने व्यापार से

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हिंदू देवी देवता जापानी संस्कृति का अभिन्न अंग है | बिनॉय बहल

अनुवादिका - आशा लता चौधरी https://www.youtube.com/watch?time_continue=153&v=Gt8HoqkFNp0?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 जापान में हमने दो सुंदर वेणुगोपाल देखे । इस पर मैंने सोचा कि आप यह जानने के उत्सुक होंगे कि हिंदू देवी देवता जिस प्रकार भारत में पूजे जाते हैं, क्या उसी प्रकार आज जापान में भी पूजे जाते हैं। वस्तुतः आपको यह जानकर आश्चर्य होगा

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भारतीय महाकाव्य एशियाई महाद्वीप के अभिन्न भाग क्यों हैं? | बिनॉय बहल

अनुवादिका - आशा लता चौधरी https://www.youtube.com/watch?time_continue=12&v=gpetea4eD-Y?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 महाकाव्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका बहुत अधिक आदर किया जाता है । वस्तुतः रामायण पर मेरी एक फिल्म है जिसका फिल्मांकन मैंने 10 देशों में किया था, सुजाता और मेरे लिए लोगों की उस निष्ठा को देखना बहुत सुखद था, जिससे वे रामायण का

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गुरु गोबिंद सिंह: योद्धा, संत, कवि व दार्शनिक – जिन्होंने भारत के सारे ग्रंथों का निचोड़ दिया | कपिल कपूर

https://www.youtube.com/watch?v=OMTKIHlEuk0 गुरु गोविन्द सिंह जी के mention के बगैर आप इंडिया की history of ideas कंप्लीट नहीं कर सकते| गुरु गोविंद सिंह जी ने भागवत पुराण को ‘भाखा दियो बनाए’, जो उन्होंने कृष्णावतार लिखा वह उन्होंने पूरे भागवत पुराण को पंजाबी में भाखा में लिखा, रामअवतार लिखा, अकाल स्तुति लिखी, जितना

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इस्लामी आक्रमण और हिन्दू प्रतिरोध – राजीव सिंह का व्याख्यान

श्री राजीव सिंह बताएंगे कि मुहम्मद बिन क़ासिम से लेकर अब तक हैम ने हिन्दुतान का एक बड़ा भाग कैसे खोया और आधुनिक युग में उसे कैसे पुनः प्राप्त कर सकते हैं। https://www.youtube.com/watch?v=ApNvrBTka9c

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गौ आधारित अर्थव्यवस्था और प्रभावी चिकित्सा – सुनिल मानसिंघका का व्याख्यान

किसान, कृषि और पर्यावरण के लिए भारतीय गाय आधारित जीवन पद्धति विकसित करने की दृष्टि से वर्ष 1996 में गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र की शुरुआत हुई। श्री सुनील मानसिंगका गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र, देवलापार, नागपुर के संयोजक हैं| Go Vigyan Anusandhan kendra, kamdhenu Bhawan, Pt. Bacharaj Vyas Chowk, chitar oli, mahal,

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सावरकर का आरम्भिक जीवन और स्वतंत्रता संग्राम का भुला दिया गया पहलु

Translation Credit: Mahesh Srimali. https://www.youtube.com/watch?v=b-HBez5jnHM&feature=emb_logo?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 स्वतंत्रता के समानांतर संघर्ष की इस पूरी धारा में, अगर हम वास्तव में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पूरे कथा को पलट कर देखें और इसे क्रांतिकारी या सशस्त्र संघर्ष के दृष्टिकोण से देखें, तो एक पूरी तरह से अलग तस्वीर उभरती है, जहाँ आप विभिन्न नायकों को

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बौद्ध मठों द्वारा कश्मीर की चित्रकला विरासत की सुरक्षा

Translation: Mahesh Srimali. https://www.youtube.com/watch?v=g783AYysQlo&feature=emb_logo?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 अल्ची 108 मठ केंद्रों में से एक है। यह एक पौराणिक संख्या है, और इसके सत्य होने की संभावना भी है।  यह  १०८ मठों की श्रृंखला, ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र के शुरुआती मठ थे। ये मठ गूजे के राजा येशे -Ö के शासनकाल में बने थे, इसमें पश्चिमी तिब्बत, लद्दाख,

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