Category: इतिहास

भारत की तरफ का प्राचीन व्यापार मार्ग, भारत को व्यापार अधिशेष का लाभ और इसका असर रोमानी अर्थनीति पर

अब ऐसा ही हाल पश्चिम हिंदमहासागर में भी हो रहा था जब भारतीय रोमानी साम्राज्य के साथ व्यापारी सम्बन्ध बढ़ाते हैं और इस रोमन साम्राज्य की जड़ें और उस समय के बारें में हमें...

ओडिया – पूर्वी हिंदमहासागर में भारतीय नौसेना के अग्रगामी

अब कहीं न कहीं ओडिया ने महसूस किया कि, समुद्री तट के किनारे से सटकर जलयात्रा करना जटिल हैं और शायद जिसने ऐसी यात्रा कभी की हो, ने यह सुझाव रखा होगा कि दक्षिणपूर्वी...

कंबोडिया और वियतनाम के खमेर और चरमे संस्कृतियों का भारत से सम्बन्ध

तो एक कहानी हैं जो सामूहिक रूप से काम्बोसिया और वियतनाम आदि देशों के अभिलेखों में देखि जाती हैं, और इसके बहुत समय बाद अंकोर और चरमे साम्राज्य उभरे, मगर वोह कहानी कुछ इस...

भारत का इतिहास महाद्वीपी ही नहीं, बल्कि वोह सामुद्रिक भी हैं

मेरे आज की चर्चा का विषय हैं, भारत का समुद्री इतिहास और मेरे हिसाब से यह विषय आपलोगों को इसलिए दिलचस्प लगेगी क्योकि, भारत का सामुद्रिक इतिहास इस जगत के महान सामुद्रिक इतिहासों में...

सरस्वती और गुजरात के बंदरगाहें

मैं गुजरात से शुरू करूंगा, क्योकि मेरी कहानी गुजरात से शुरू होगी, और गुजरात का समुद्रितट जैसे हरप्पा के समय पर था जो आज से अलग हैं I लोगों को लगता हैं कि समुद्रितट...

मुस्लिम आक्रमणकारियों का मूर्तिभञ्जन

एस्किमोज़ ने मन्दिर को तोड़ा इसकी पुष्टि पिछली शताब्दियों में उन्होंने स्वयं अनेकदा की है , बस पिछले ही कुछ दशकों से पहले तो कुछ सेक्युलरवादी , उनके पीछे पीछे हिमवासी , कहने लगे...

अयोध्या खुदाई के पुरातात्विक निष्कर्ष और धर्मनिरपेक्षवादी इतिहासकारों ने उनसे त्याग दिया

लगभग १९५० से अयोध्या को लेकर न्यायालय में वाद चल रहा था , खींचते खींचते २००२ में जाकर अलाहाबाद उच्च न्यायलय ने विवादित स्थल के उत्खनन का आदेश दिया । ये पहला उत्खनन नहीं...

धर्मनिरपेक्ष विद्वानों की मूर्तिभंजन के इतिहास को छिपाने के तर्क और चालें

अब एक व्यक्ति हैं रिचर्ड ईटन नाम के , अमरीकन हैं , अपने आप को एक साम्यवादी बुद्धिजीवी बताते हैं और कहते हैं , हिन्दुओं ने एक बहुत बड़े स्तर पर मन्दिर तोड़े ,...

ओडिया और श्री लंका

इसी दौरान पूर्वी दिशा की ओर, जो क्षेत्र आज कल बंगाल और उड़ीसा कहलायें जातें हैं, सामुद्रिक गति-विधियों में अचानक वृद्धि देखने को मिलती हैं I गंगा के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र से लेकर, आज...

हरप्पा का विनाश और दक्षिण भारत का विकास

२००० बी सी के करीब विश्व में एक बहुत बड़ा मौसमी परिवर्तन हुआ जिसके सबूत न सिर्फ पराग के सैंपल या अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों में पाए गएँ हैं बल्की मेसोपोटामिया के अभिलेख में भी...

स्वराज्य से साम्राज्य तक : मराठा साम्राज्य के द्वारा ‘हिन्दवी स्वराज्य’ का एकीकरण

वर्ष : १७२० – औरंगजेब से हुये २७ वर्ष लम्बे बहुत ही कठिन युद्ध को जीते कुछ समय बीत चुका है पर शिवाजी महाराज का देश को आतंक से मुक्त कराने का लक्ष्य अभी...

‘संस्कृतम् : आत्मा की भाषा’ — सम्पदानंदा मिश्रा द्वारा एक भाषण

ओ३म् जीवने यावदा दानम् , स्यात् प्रदानं ततोधिकम् इत्येषा प्रार्थनास्माकं भगवन् परिपूर्यताम् , भगवन् परिपूर्यताम् त्वमेव माता च पिता त्वमेव , त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव , त्वमेव सर्वं मम देव...

औरंगजेब का अन्तिम अभियान

तो इस समय औरंगजेब ने निर्णय लिया कि मैं अन्तिम अभियान पर जाऊँगा, सभी दुर्गों को जीतूँगा और पश्चिम महाराष्ट्र में मुगल राज्य स्थापित करूँगा और परिणामस्वरूप १७०० में, ८५ वर्ष के आयु में,...

क्यों औरंगजेब मराठाओं से अधिक क्षेत्र हथियाने में असफल रहा

तो १६९० के दशक में युद्ध का ये प्रभाव था कि मराठा वास्तव में शक्तिशाली सेना बनाने में समर्थ हुये । उन्होंने छापामारी के युद्ध की मारो और भागो की वही नीतियाँ अपनायीं, ये...