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गुरु गोबिंद सिंह: योद्धा, संत, कवि व दार्शनिक – जिन्होंने भारत के सारे ग्रंथों का निचोड़ दिया | कपिल कपूर

https://www.youtube.com/watch?v=OMTKIHlEuk0 गुरु गोविन्द सिंह जी के mention के बगैर आप इंडिया की history of ideas कंप्लीट नहीं कर सकते| गुरु गोविंद सिंह जी ने भागवत पुराण को ‘भाखा दियो बनाए’, जो उन्होंने कृष्णावतार लिखा वह उन्होंने पूरे भागवत पुराण को पंजाबी में भाखा में लिखा, रामअवतार लिखा, अकाल स्तुति लिखी, जितना

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गुरु तेग बहादुर का धर्मार्थ प्राण त्यागने से पहले औरंगजेब के साथ संवाद

https://www.youtube.com/watch?v=DBFIiqysBIY?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 गुरुदेव बोले, "300 वर्ष पहले हमारे देश में औरंगजेब नाम का निर्दयी राजा था। उसने अपने भाई को मारा, पिता को बंदी बनाया और स्वयं राजा बन गया। उसके उपरांत उसने निश्चय किया कि वो भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाएगा।" "क्यों गुरुदेव?" "क्योंकि उसने सोचा कि यदि दूसरे देशों को इस्लामिक राष्ट्र

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भारत के उत्तरी भाग में बड़े मंदिर क्यों नहीं हैं, जैसे भारत के दक्षिणी भाग में हैं?

https://www.youtube.com/watch?v=3_NjRAxeBwc&t=92s?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 शीर्ष सिद्धांतकारों में से एक, शॉन लॉन्डर्स ने कहा कि स्मृति हमें बांधती है और हमें परिभाषित करती है। यह धर्म का एक आवश्यक आयाम है और मिलन कुंदेरा ने कहा है कि सत्ता के खिलाफ मनुष्य का संघर्ष वैसे ही है जैसे विस्मृति के खिलाफ स्मृति का संघर्ष। यह

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एक कश्मीरी शरणार्थी शिविर का नाम ‘औरंगज़ेब का स्वप्न’ क्यों रखा गया? – मनोवैज्ञानिक आघात का ऐतिहासिक संदर्भ पढ़ें

https://www.youtube.com/watch?v=6a5moK26JAw&t=1s?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 मैं एक कहानी आपसे साझा करूंगा, क्योंकि मुझे लगता है कि कहानी लोगों को यह बताने का सबसे अच्छा तरीका है कि मैं इस तक कैसे पहुंचा। किसी को पता है कि यह क्या है? यह कश्मीरी शरणार्थी शिविर है। मैं वहां काम कर रहा था, और मेरी पत्नी भी

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रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद को ज्वलंत बनाये रखने के लिये वामपंथी इतिहासकारों द्वारा फैलाये गये झूठ

सृजन संस्था ने अयोध्या राम मंदिर विवाद पर विचार विमर्श की एक श्रृंखला शुरू करने के उद्देश्य से डॉ मीनाक्षी जैन के साथ नई दिल्ली स्थित इनटेक परिसर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर श्रोताओं को सम्मानित वक्ता डॉ मीनाक्षी जैन के विचार सुनने का अवसर मिला।

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पुरातात्त्विक साक्ष्य हमें राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद के बारे में क्या जानकारी प्रदान करते हैं?

सृजन संस्था ने अयोध्या राम मंदिर विवाद पर विचार विमर्श की एक श्रृंखला शुरू करने के उद्देश्य से डॉ मीनाक्षी जैन के साथ नई दिल्ली स्थित इनटेक परिसर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर श्रोताओं को सम्मानित वक्ता डॉ मीनाक्षी जैन के विचार सुनने का अवसर मिला। डॉ

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रामानन्दाचार्य के १२ प्रमुख शिष्य

https://www.youtube.com/watch?v=V3A_IRrECkg?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 स्वामी रामानन्द जगह-जगह से तीर्थ करके जब वापस लौटे, तब उन्होंने यह निर्णय लिया कि इस भयावह समस्या से निपटने  लिए, दूसरे स्तर पर युद्ध करना होगा I सांस्कृतिक युद्द, धार्मिक युद्द I उन्होंने अपने जो गुरु भाई थे, उनसे अलग हटकरके एक नया पन्थ शुरू किया I पंथ मूलतः वह

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श्री कृष्णदेवराया के राज दरबार के अष्ठ दिग्गज

https://www.youtube.com/watch?v=tX1SQsXrW5g?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 अष्ठ  दिग्गज का आशय है आठ हाथी I हमारे यहाँ ऐसी मान्यता है कि इस पूरे ब्रह्माण्ड का भार आठ हाथियों ने धारण किया हुआ है, जो आठ दिशाओं पर खड़े होतें हैं I  उन हाथियों के नाम इस प्रकार हैं - पुण्डरीका, वामना, अंजना और ऐरावत जो इंद्रा का

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नालंदा विश्वविद्यालय के बारें में चीनी विद्यार्थियों की राय

https://www.youtube.com/watch?v=x_DdHPQqPpY?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1   मैंने उस जगह की यात्रा की हैं, लेकिन उसको जानने के लिए, या फिर यह जानने के लिए की वह कैसे दिखता था, आपको हुआन सांग और आय सिंग की आत्मा कथा पढ़नी होगी, तो हुआन सांग लिखते हैं कि वह सबसे सुन्दर परिसर था I उसके चारों और बहुत

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अठारहवीं शताब्दी के समय प्रचलित भारतीय शिक्षा प्रणाली पर प्रस्तुत ब्रिटिश रिपोर्ट

https://www.youtube.com/watch?v=obVouUw1KIs?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1   अपने लंदन प्रवास के दौरान धर्मपाल को कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण पुरालेख सामग्री को देखने का अवसर मिला - ब्रिटिश सरकार के द्वारा भारत की स्वदेशी शिक्षा प्रणाली पर किये गए सर्वेक्षणों की श्रृंखला पर लिखी गयी रिपोर्ट्स। ये सर्वेक्षण भारत के विभिन्न प्रान्तों में अति गम्भीरता से करवाये गए थे

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