Category: भारतीय राज्यों से कहानियां

ओडिया – पूर्वी हिंदमहासागर में भारतीय नौसेना के अग्रगामी

अब कहीं न कहीं ओडिया ने महसूस किया कि, समुद्री तट के किनारे से सटकर जलयात्रा करना जटिल हैं और शायद जिसने ऐसी यात्रा कभी की हो, ने यह सुझाव रखा होगा कि दक्षिणपूर्वी...

ओडिया और श्री लंका

इसी दौरान पूर्वी दिशा की ओर, जो क्षेत्र आज कल बंगाल और उड़ीसा कहलायें जातें हैं, सामुद्रिक गति-विधियों में अचानक वृद्धि देखने को मिलती हैं I गंगा के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र से लेकर, आज...

स्वराज्य से साम्राज्य तक : मराठा साम्राज्य के द्वारा ‘हिन्दवी स्वराज्य’ का एकीकरण

वर्ष : १७२० – औरंगजेब से हुये २७ वर्ष लम्बे बहुत ही कठिन युद्ध को जीते कुछ समय बीत चुका है पर शिवाजी महाराज का देश को आतंक से मुक्त कराने का लक्ष्य अभी...

औरंगजेब का अन्तिम अभियान

तो इस समय औरंगजेब ने निर्णय लिया कि मैं अन्तिम अभियान पर जाऊँगा, सभी दुर्गों को जीतूँगा और पश्चिम महाराष्ट्र में मुगल राज्य स्थापित करूँगा और परिणामस्वरूप १७०० में, ८५ वर्ष के आयु में,...

क्यों औरंगजेब मराठाओं से अधिक क्षेत्र हथियाने में असफल रहा

तो १६९० के दशक में युद्ध का ये प्रभाव था कि मराठा वास्तव में शक्तिशाली सेना बनाने में समर्थ हुये । उन्होंने छापामारी के युद्ध की मारो और भागो की वही नीतियाँ अपनायीं, ये...

मराठा सेनानायक सन्ताजी घोरपड़े का औरंगजेब की छावनी पर आक्रमण

इसके अलावा एक बहुत ही साहसी छापा संताजी घोरपड़े ने औरंगजेब के निजी तम्बू पर मारा । इस समय औरंगजेब का तम्बू कोरेगांव में था, जो कि पुणे के समीप है और वे योजना...

शिवाजी के दक्षिण भारत के अभियान पर जाने का कारण

और ये करने के पश्चात्, राज्याभिषिक्त होने के पश्चात्, छत्रपति शिवाजी दक्षिण भारत के अभियान पर गये और एक ऐसे साम्राज्य का निर्माण किया जो कि जिञ्जी तक विस्तृत था, आप देख सकते हैं...

छत्रपति शिवाजी के द्वारा मुगल आक्रोश को पराजित करने हेतु किये गये उपाय

अब हम दुर्गों पर आते हैं, जैसा मैंने उल्लेख किया कि कैसे देवगिरि का दुर्ग लड़ा गया या कहें हारा गया । और शिवाजी ने क्या किया कि उन्होंने किस प्रकार दुर्ग बनाये जाएँ...

हिन्दवी स्वराज्य का आदर्श : किन घटकों से इसका निर्माण हुआ

छत्रपति शिवाजी ने बहुत से प्रशासनिक और सैन्य सुधार किये, जिन्होंने मराठाओं को बाद के समय में दृढ़ रहने में बहुत सहायता की । ये सब रामचंद्र पन्त की लिखी पुस्तक, आज्ञापत्र में दिए...

मराठा – मुगल युद्ध : अनीश गोखले द्वारा एक व्याख्यान

नमस्कार ! सुसायम् ! सबसे पहले मैं धन्यवाद करना चाहूँगा सृजन फाउंडेशन का और इंटैक का भी, साथ ही यहाँ उपस्थित सभी लोगों का जिन्होंने मुझे आमन्त्रित किया । मैं मुगलों और मराठाओं के...

सबरीमाला पर साईं दीपक का व्याख्यान

और मुझे सबरीमाला के प्रश्न का उत्तर देना ही है क्यूँकि इससे अनुचित उदाहरण दूसरा आप दे नहीं सकते थे । क्षमा कीजियेगा पर मैं इसपर बेहिचक अपनी बात कहूँगा । कृपया इसे समझें...

आपणास माहीत होतं का – केरळच्या मार्तंड वर्मा ने डचांना हरवलेलं होतं – त्या वेळचे सर्वात शक्तिशाली नौदल

विलक्षण संजीव संन्याल प्रेक्षकांना संगत आहेत, भारतीय इतिहासातील अतिशय महत्त्वाचा अध्याय, मार्तंड वर्मा आणि कोलाचेलची लढाई. आणि अर्थातच, ज़र तुम्ही केरळचे नसाल तर, कदाचित तुम्ही मार्तंड वर्मा बद्दल ऐकलेले नसेल। मार्तंड वर्मा एक अत्यंत...

क्या आप जानते हैं : केरल के मार्तंड वर्मा ने डच को हराया था – उस समय की सबसे शक्तिशाली नौसेना!

और बेशक, यदि आप केरल से नहीं है, तो आपने शायद मार्तंड वर्मा के बारे में नहीं सुना होगा। मार्तंड वर्मा एक बहुत ही दिलचस्प चरित्र है। वे एक बहुत छोटे राज्य कहे जानेवाले...