Home > भारत की चर्चा

भारत में गांजा का महत्व — प्रिया मिश्रा द्वारा एक व्याख्यान

यूनान, चीन, मिस्र आदि प्राचीन सभ्यताओं में तथा यहूदी, ताओ, बौद्ध, सिख व इस्लाम जैसे धर्मों में गांजा या भांग नामक वनस्पति को बहुत महत्व दिया गया है और इसका प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता रहा है| तथापि गांजा के सबसे पुरातन उल्लेख भारत में मिलते हैं| सनातन धर्म

Read More

इसाई पंथ और भारत – डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन का व्याख्यान

संपूर्ण विश्व में प्रेम व शान्ति का स्वरुप माने जाने वाले इसाई धर्म के विस्तार का इतिहास रक्त से सना है, ये तथ्य कम ही लोग जानते हैं| यूनान, रोम व माया जैसी कई प्राचीन संस्कृतियाँ इसाई मिशनरियों के हाथों जड़ से मिटा दी गयीं| अनगिनत देशों की भोली-भाली प्रजा

Read More

आयुर्वेद का महत्व — जिज्ञासा आचार्या द्वारा एक व्याख्यान

प्राचीन काल से चली आ रही भारतीय आध्यात्म, ज्ञान और विज्ञान की अविरल परंपरा का एक अभिन्न अंग है आयुर्वेद| आयुर्वेद ऐसी प्रायोगिक चिकित्सा पद्धति है जिसे केवल वैद्यों-चिकित्सकों ने ही नहीं, परन्तु सामान्य जनों ने अपने जीवन में, विशेषकर अपने रसोईघरों में आत्मसात कर लिया| और यही कारण है

Read More

भारतीय गुरुकुल शिक्षा प्रणाली — मेहुलभाई आचार्य का व्याख्यान

भारतीय परंपरा में मनुष्य जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मूल्यों में से शिक्षा को सबसे उच्च का स्थान दिया गया है| पुरातन काल से भारतवर्ष समस्त विश्व के लिए ज्ञान का स्रोत रहा है और भारत के ज्ञान का सर्वप्रथम स्रोत हैं हमारे वेद| एक सुसंस्कृत व्यष्टि को समष्टि की नींव

Read More

सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना में संत रामानन्दाचार्य जी की भूमिका – श्री देवांशु झा का व्याख्यान

The Srijan Foundation organized a talk of Sri. Devanshu Jha at New Delhi. The topic of the talk was 'सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना में संत रामानन्दाचार्य जी की भूमिका” https://www.youtube.com/watch?v=I3IIj-gcCL8&t=1609s

Read More

आदि शंकराचार्य – जीवन चरित्र एवं समयकाल समीक्षा (श्री अमित शर्मा का व्याख्यान)

The Srijan Foundation organized a talk of Sri. Amit Sharma at New Delhi. The topic of the talk was ‘Life Journey of Adi Shankaracharya and the Time of His Incarnation”. https://www.youtube.com/watch?v=udYJTmScgCQ&t=359s

Read More

क्या भारत का हिन्दू रहना ज़रूरी है? : शंकर शरण जी का व्याख्यान

अगर भारत के 80% नागरिक मुसलमान हो जायें तो क्या भारत बचेगा? इसका सीधा जवाब यह है किअगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान व भारत में कोई अंतरनहीं रह जाएगा. परंतु अपने आप को बुद्धि-ज़ीवी कहने वाले लोग कहते है कि 'भारत के 100% मुस्लिम या इसाई हो जाने से

Read More