Category: विवाद

संविधान का अनुच्छेद २५ २(अ) और क्यूँ इसकी व्याख्या मौलिक रूप से सदोष है

धर्म से जुड़ीस्वतंत्रता के सम्बन्ध में सरकार के अधिकार संविधान के अनुच्छेद २५ और २६ में विहित हैं। अनुच्छेद २५ निजी व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा और अनुच्छेद २६ सम्प्रदायों की धार्मिक स्वतंत्रता...

हिन्दू अनुदान समिति का धन सरकारों द्वारा प्रयोग किया जा रहा है जो कि संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन है

हिन्दुओं के मंदिरों से लिया गया पैसा दो चीजों में लगाया गया है, ईसाईयों की जेरूसलम यात्रा और मुसलमानों की हज यात्रा। यह हिन्दुओं के पैसे से हो रहा है। यदि मैं ईसाई या...

क्यूँ सर्वोच्च न्यायालय ने तमिल नाडु सरकार को मन्दिरों का प्रशासन अधिग्रहीत करने से रोका

मेरे अनुसार HRCE सम्बन्धित जितनी भी विधियाँ हैं वे सब इसी प्रपत्र से निकली हैं , पूरे देश में। पहले मैं आपको इसकी पृष्ठभूमिबताताहूँ।तमिल नाडू HRCE विधिनियम का एक कुख्यात अनुभाग है, अनुभाग ४५...

आन्ध्र प्रदेश सरकार के एक विधिनियम के विरुद्ध एक याचिका में क्या तर्क दिया गया

तो , ये तर्क जो याचिका कर्त्ताओं की ओर से दिया गया, वे याचिका कर्त्ता जो आन्ध्र प्रदेश के कानून को चुनौती दे रहे थे, उसकी संवैधानिकता को लेकर। ‘याचिका कर्त्ता के बुद्धिमान् अधिवक्ता...

मुस्लिम आक्रमणकारियों का मूर्तिभञ्जन

एस्किमोज़ ने मन्दिर को तोड़ा इसकी पुष्टि पिछली शताब्दियों में उन्होंने स्वयं अनेकदा की है , बस पिछले ही कुछ दशकों से पहले तो कुछ सेक्युलरवादी , उनके पीछे पीछे हिमवासी , कहने लगे...

अयोध्या विवाद में धर्मनिरपेक्ष इतिहासकारों के हिंदूविरोधी राय

१९८० तक भी, उस स्थल पर क्या हुआ इस विषय को लेकर बड़ी सहमति थी । हिमवासी , यूरोपीय यात्री , यूरोपीय उपनिवेशी और हिन्दू भी यही मानते थे कि मस्जिद ने बलपूर्वक एक...

पश्चिमी धार्मिक विद्वानों ने अपने धार्मिक युगों से औरंगजेब को दोषमुक्त

आजकल ऑड्रे ट्रश्क के काम की बहुत चर्चा है , जो कि अमेरीका में प्रोफेसर है और जिसका दावा है कि औरंगज़ेब एक भला आदमी था , और उसका कहना है कि बहुत से...

धर्मनिरपेक्ष विद्वानों की मूर्तिभंजन के इतिहास को छिपाने के तर्क और चालें

अब एक व्यक्ति हैं रिचर्ड ईटन नाम के , अमरीकन हैं , अपने आप को एक साम्यवादी बुद्धिजीवी बताते हैं और कहते हैं , हिन्दुओं ने एक बहुत बड़े स्तर पर मन्दिर तोड़े ,...

क्यूँ सर्वोच्च न्यायालय को अयोध्या मामले में अवश्य एक निश्चित निर्णय देना चाहिये

६० वर्ष पीछे , ३० सितम्बर २०१० को निर्णय आया , यह एक मिश्रित निर्णय था क्योंकि, दो हिन्दू और एक एस्किमो याचिकाकर्त्ता में से, एस्किमो को उस पहाड़ी में से थोड़ा अंश तो...

पुरातात्विक सबूत हमें राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद के बारे में क्या बताते हैं?

अब, क्योंकि इन बातों में से कोई भी विवाद सुलझा रहा था, अंत में 2003 में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को बताया कि उस जगह पर खुदाई करने के लिए कृपया...

अलाहाबाद उच्चन्यायलय की अयोध्या राममन्दिर विषय पर गतिविधियाँ

अब ये बहुत रोचक है क्योंकि पूरे विवाद का प्रत्येक चरण और जन्मभूमि के महन्त तथा बाबरी मस्जिद के अधीक्षक के बीच के संघर्ष का प्रत्येक चरण फैज़ाबाद जिला न्यायलय में लिखा गया है...

हिन्दू मन्दिरों की सरकारी नियन्त्रण से मुक्ति — साईं दीपक द्वारा एक व्याख्यान

सबसे पहले मैं धन्यवाद करना चाहूँगा सृजन फाउंडेशन का, अभिनव प्रकाश सिंह, राहुल दीवान, आलोक गोविल और पीयूष जैन का भी जिन्होंने मुझे ये अवसर दिया है ।मेरा कुछ परिचय पहले ही दिया जा...