Tagged: चर्चांश

भगवान् शंकराचार्य का अवतरण काल

  पूरे facts और evidences के आधार पे हमारे पास तथ्य, प्रमाण, साक्ष और आंकड़े हैं जो यह बतातें हैं कि भगवन शंकराचार्य का अवतरण इसवी सन से ५०७ वर्ष पूर्व सिद्ध होता हैं...

भगवान् शंकराचार्य की उपलब्धियां

छोटी सी आयु थी उनकी, जब घर छोड़ा था आठ वर्ष के थे वो I संन्यास के लिए निकले जब I नौ वर्ष की आयु में उन्होंने संन्यास लिया और उसके बाद में, भगवान्...

नालंदा विश्वविद्यालय के बारें में चीनी विद्यार्थियों की राय

  मैंने उस जगह की यात्रा की हैं, लेकिन उसको जानने के लिए, या फिर यह जानने के लिए की वह कैसे दिखता था, आपको हुआन सांग और आय सिंग की आत्मा कथा पढ़नी...

१८०० में भारतीय शिक्षा प्रणाली के बारें में अंग्रेजों का विवरण

  धरमपाल किसी काम से लन्दन गए थे और उन्हें अंग्रेजी पुस्तकालयों में कुछ समय बिताने का अवसर मिला जहाँ उन्हें अत्यंत महत्वपुर्ण पुरालेख मिले I एक पूरी श्रेणि, नाना प्रकार के सर्वेक्षणों की...

अंग्रेजों ने भारत में अंग्रेज़ी भाषा को क्यों अधिरोपित किया

  अंग्रजों ने अंग्रेज़ी भाषा को भारत पर क्यों लादा ? पहला कारन था सुविधा; अँगरेज़ सारे भारतीय भाषाओँ को नहीं सीख् सकते थे, और नाही उन्हें भारतीय भाषाएँ समझ में आती थी I...

भारत से चीन को ज्ञान का अंतरण

  अब हम बात करेंगे भारत से चीन के ज्ञानान्तरण के बारे में I संस्कृत भाषा में लिखित कई सारे हस्तलेख चीन ले जाए गए, चीनी विद्वानों के द्वारा या फिर भारतीय विद्वानों द्वारा...

प्राचीन भारत में तर्क की कला

  अब हम बात करतें हैं तर्क कि, जो भारतीय शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग हुआ करता था I आप इस चित्र को देख सकतें हैं आदि शंकराचार्य की जो तर्क कर रहें हैं...

गोवा के धर्मं न्यायाधिकरण में ‘ऑटो दा फे’ और अन्य यातनाओ के तरीके

  चार्ल्स देल्लों ने धर्मं न्यायाधिकरण के महल को वर्णित करते हुए लिखा हैं, कि वह एक भयानक, भव्य, भवन था जिसमे २०० बंदीगृह हुआ करते थे, जो अंधकारमय और बिना किसि खिडकिओं के...

गोवा में धर्म न्यायाधिकरण – उसका आकार, उद्देश्य और कार्य पद्धति

  गोवा में धर्म न्यायाधिकरण का गठन कैसे हुआ ? इस न्यायालाल के दो जिज्ञासु थे जो केवल पुर्तुगल के सम्राट को उत्तरदायी थे I उनकी नियुक्ति पुर्तुगल के सम्राट ही किया करते थे...

पुर्तुगाली शाषण काल में हिन्दुओं के साथ हुए धार्मिक अत्याचार

  फिर १६२० में, वाइसराय ने आदेशपत्र निकाला कि कोई भी हिन्दू पुर्तुगाली क्षत्र में ववाह नहीं कर सकतें I हिन्दुओं को जबरन नदी कि उस पार आदिल शाह के क्षेत्र में जाना पड़ता...

पुर्तुगाली उपनिवेशवादियों द्वारा हिन्दुओं को इसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए अपनाई गयी नीतियाँ

  पुर्तुगाली उपनिवेशवादियों की दो प्रकार की नीतियां थी I एक नीति थी, कि हिन्दुओं का जीवन इतना संकटमय बना दो कि हिन्दू बने रहना बहुत बड़ा बोझ बन जाये, और यदि इसाई धर्म...

प्राचीन अतीत में यूनानियों ने भारतीय गणित के ज्ञान को उधार लिया था

  मैं हिप्पर्खस और त्रिकोणमिति के बारे में बात करना चाहूंगा इससे पहले कि सूर्य सिद्धांत में तार सारणियां हैं आर्यभट्ट बना है, यहां पर केवल एक ‘टी’ होना चाहिए, मैं माफ़ी माँगता हूँ,...

पश्चिमीयों के द्वारा भारतीय ज्ञान का अनुग्रहण

  मैं आपको इस ज्ञान को प्रसारित करने के बारे में मध्ययुगीन यूरोप के बारे में बात करना चाहता हूं। टोलेडो में, अगर आपको याद है कि एक ईसाई स्पेन और मुस्लिम स्पेन था।...

पाइथागोरस और भारतीय ज्ञान के साथ उनका संबंध

  पाइथागोरस जो इस समय के फ्रेम में रहते थे, ये सज्जन, जो सभी पश्चिमी, अल्बर्ट बुर्की और ए एन। मार्लो और जी आर एस मीड हैं, उनमें से प्रत्येक का कहना है कि...