Tagged: भारत की चर्चा

Life Journey of Adi Shankaracharya and the Time of His Incarnation – A Talk by Amit Sharma

The Srijan Foundation organized a talk of Sri. Amit Sharma at New Delhi. The topic of the talk was ‘Life Journey of Adi Shankaracharya and the Time of His Incarnation”.

क्या भारत का हिन्दू रहना ज़रूरी है? : शंकर शरण जी का व्याख्यान

अगर भारत के 80% नागरिक मुसलमान हो जायें तो क्या भारत बचेगा? इसका सीधा जवाब यह है किअगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान व भारत में कोई अंतरनहीं रह जाएगा. परंतु अपने आप को...

हिन्दू धर्म और राष्ट्रीयता – शंकर शरण द्वारा एक व्याख्यान

  समय बदल गया है, समय की मांग बदल गयी है,और जो नयी पीढ़ी आती है वह स्वयं सबकुछ तय नहीं करती; बहुत सी चीजे उसको बनी-बनायीं मिलती है | यह जो कैरियर ओरिएंटेडनेस...

स्वराज्य से साम्राज्य तक : मराठा साम्राज्य के द्वारा ‘हिन्दवी स्वराज्य’ का एकीकरण

वर्ष : १७२० – औरंगजेब से हुये २७ वर्ष लम्बे बहुत ही कठिन युद्ध को जीते कुछ समय बीत चुका है पर शिवाजी महाराज का देश को आतंक से मुक्त कराने का लक्ष्य अभी...

सुभाष चंद्र बोस — अनुज धार द्वारा एक व्याख्यान

Anuj Dhar will take us through various theories about what really happened to Bose. Anyone interested in intrigue, mistery, politics, history is going to find it engrossing as thousands world over already have.

अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल — संक्रान्त सानु द्वारा एक व्याख्यान

श्रीजान फाउंडेशन ने “अंग्रेजी माध्यम का भ्रमजाल” विषय पर संक्रान्त सानु द्वारा एक व्याख्यान आयोजन किया | नीचे दिया गया वार्ता का पूरा वीडियो |

वर्ण, वेद व आधुनिक समाज — मोहित भारद्वाज द्वारा एक व्याख्यान

क्या हम स्वतंत्र हैं या पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित विश्व में जकड़ें हुए हैं ? क्या हमनें पूर्वजों की शिक्षा, भाषा और नैतिक मूल्यों को भुला दिया हैं? हम अपनी जड़ों से भटक गए...

‘संस्कृतम् : आत्मा की भाषा’ — सम्पदानंदा मिश्रा द्वारा एक भाषण

ओ३म् जीवने यावदा दानम् , स्यात् प्रदानं ततोधिकम् इत्येषा प्रार्थनास्माकं भगवन् परिपूर्यताम् , भगवन् परिपूर्यताम् त्वमेव माता च पिता त्वमेव , त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव , त्वमेव सर्वं मम देव...

मराठा – मुगल युद्ध : अनीश गोखले द्वारा एक व्याख्यान

नमस्कार ! सुसायम् ! सबसे पहले मैं धन्यवाद करना चाहूँगा सृजन फाउंडेशन का और इंटैक का भी, साथ ही यहाँ उपस्थित सभी लोगों का जिन्होंने मुझे आमन्त्रित किया । मैं मुगलों और मराठाओं के...

अयोध्या : पुराना विवाद, सीधा समाधान — कोएंराड एल्स्ट द्वारा एक व्याख्यान

सभापति महोदय , देवियों और सज्जनों , मैं धन्यवाद करता हूँ आपका जो आपने इतने समय तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा की । पता नहीं शत्रुओं ने यदि कोई मुझे मारने के लिये भेजा है तो...

हिन्दू मन्दिरों की सरकारी नियन्त्रण से मुक्ति — साईं दीपक द्वारा एक व्याख्यान

सबसे पहले मैं धन्यवाद करना चाहूँगा सृजन फाउंडेशन का, अभिनव प्रकाश सिंह, राहुल दीवान, आलोक गोविल और पीयूष जैन का भी जिन्होंने मुझे ये अवसर दिया है ।मेरा कुछ परिचय पहले ही दिया जा...