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मृदोस का कवच: खिलाफत आंदोलन की उत्पत्ति | सन्दीप बालकृष्ण

https://www.youtube.com/watch?time_continue=6&v=_N5vQDhzHS0?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 1918 में, जब विनाशकारी प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हो रहा था, सबसे महत्वपूर्ण मील के पत्थर में से एक जो अंत को चिह्नित करता था, वह कुछ ऐसा था जिसे मृदोस के आर्मिस्टिस कहा जाता है।  30 अक्टूबर, 1918 को मुर्मोस के आर्मिस्टिस पर हस्ताक्षर किए गए थे। मुद्रोस वास्तव

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हिंदू धार्मिक प्रथाओं में भारतीय अदालतों का चयनात्मक हस्तक्षेप

https://www.youtube.com/watch?v=NaH_z9FnRtM?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 अभी इसमें बहुत व विभिन्न पहलू हैं।  उनमें से एक यहां काफी मात्रा में न्यायपालिका द्वारा हस्तक्षेप, उन संगठनों द्वारा दायर अभियोग के कारण है, आप जानते हैं, मुक़दमेबाज़ी, जनहित याचिका न्यायालय में संगठनों द्वारा दायर किए गए, जिसमे मुकदमे चलाने के तरीके में कुछ निहित स्वार्थ हैं।  यह विदेशी

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केरला में माप्पिला या मोपला की उत्पत्ति। सन्दीप बालकृष्ण | खिलाफत आंदोलन

https://www.youtube.com/watch?v=2Snuw2VCbUQ?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 तो यह मोपला कौन हैं या मोपला कौन थे? वास्तव में मोपला एक अंग्रेजी अपभ्रंश है अथवा यह मपिला का एक और अंग्रेजी गलत उच्चारण या अङ्ग्रेज़ी के अलग उतचारण है माप्पिला शब्द का जिसका अर्थ है दामाद। मोपला या मपीला की शुरुआत या उत्पत्ति आठवीं या नौवीं शताब्दी में

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प्रोजेक्ट थेसालोनिका और जल्लीकट्टू जैसे लोकप्रिय हिंदू त्योहारों पर इसका प्रभाव

https://www.youtube.com/watch?v=Us0oGA1vxhA&feature=emb_logo थेसालोनिका के अध्यादेश, मेरा मतलब है, एक रोमन सम्राट ने धर्म और पशु बलि पर पूजा करने की सभी मूर्तिपूजक के प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था।  लोगों का कहना है की 400 ईस्वी में एक निश्चित समय पर ओलंपिक भी रोक दिए गए थे।  कोई नहीं बताता कि उन्हें

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रक्षा, सांप्रदायिक सद्भाव और शासन के लिए कौटिल्य की रूपरेखा

https://www.youtube.com/watch?v=OvCm9JO5Hw4?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 यदि आप रक्षा क्ष्यमता देखेंगे, उदाहरणतः, कौटिल्य ने बंदरगाहों का निर्माण का सुझाव दिया, उनके पास एक बड़ी सेना भी थी, उंहोने कूटनीतिक पहल की और खुफ़िया जानकारी जुटाने और विश्लेषण इकाइयों की स्थापना की।  उदाहरण के लिए यहाँ चार प्रकार की लड़ाकू इकाइयों के अतिरिक्त एक बलशाली सेना तैयार

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हिन्दू मंदिरों को हिंदुओं के हवाले के लिए अनुच्छेद २६ में संशोधन

Translation Credits: Satyabrata Sharma. https://www.youtube.com/watch?v=lIMvTMd6jrI?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 और ऐसे ही अनेक तथ्यों के कारणों से फलीभूत प्रश्न हम यह पुछते हें अथवा मांग करते हें जो की प्राधिकार के उप अभियाचिका बिन्दु १ के अनुसार है जैसे की हम अनुच्छेद २६ का संशोधन करते हैं हिंदुओं के मंदिरों को हिंदुओं को प्रत्यावर्तन के लिए

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क्या भारत मिशनरी गतिविधियों के लिए एक अरक्षित लक्ष्य है – संक्रांत सानू | जोशुआ प्रोजेक्ट

https://www.youtube.com/watch?v=dj4-82WZf8A?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 मैंने आजकल देखा है कि उन्होंने इसे थोड़ा साफ किया है।   इसलिए, पुरानी अदालत अभी भी उपलब्ध नहीं हो सकती है क्योंकि वे इसे थोड़ा अधिक स्वादिष्ट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह इस मामले का कठिन बात है और भारत, जोशुआ प्रोजेक्ट में लक्ष्य समूहों की सबसे

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मुगलों और अंग्रेजों ने भारत में व्यापक गरीबी कैसे पैदा की

Translation Credits: Sateesh Javali. https://www.youtube.com/watch?v=WbRSU9qkdCQ?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 वैदिक व्यवस्था, जाति व्यवस्था ने निम्न वर्गों को उनके पदों पर बनाए रखा। इन प्रणालियों ने अध्ययन और ऐसी अन्य चीजों की पहुंच नहीं दी और यह भारत में व्यापक गरीबी का कारण है। यही वह है जिसे मार्क्सवादी आपको मानना चाहेंगे, और यही वह है जो

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विश्व द्वारा अनदेखा किया गया बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों का नरसंहार – अक्षय जोग का व्याख्यान

बांगलादेश और म्यानमार के अल्पसंख्याको कें प्रति दुनिया का दृष्टीकोन पूरी तरहसे अलग है और अधिकांशरुपसे पक्षपाती है. म्यानमार के रोहिंग्या मुसलमान हत्याकांडपर आवाज उठानेवाले सेक्युलर, विचारवन्त और मानवाधिकार कार्यकर्ता, बांगलादेश मे हुए हिंदू और बौद्ध नरसंहार पर चूप है. यह प्रवृत्ती चुनिंदा मानवता कहलाती है. मुसलमान-बहुसंख्य बांगलादेशके बौद्ध शरणार्थी

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भारत समृद्ध क्यो नही है? अतनु डे। भारतीय अर्थिक नीतियाँ

https://www.youtube.com/watch?v=8IxU1fEs0yM?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 यदि हम भारतीय मूर्ख हैं,तो वास्तव में भारतियो के पास ऐसा क्या है? मैं ऐसा नहीं सोचती,क्यौंकि भारतीय जहाँ भी जाते हैं वहाँ वे बहुत अच्छा करते हैं। परन्तु यह भी पूर्णतया सत्य नही है । इसलिए मैं आपसे कहती हूं कि शायद यह सरकार है और उनके बनाए गये

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